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Hibernation And Aestivation In Hindi ( शीतकालीन निष्क्रियता और ग्रीष्मकालीन निष्क्रियता )

Hibernation And Aestivation In Hindi

इस Article में Hibernation And Aestivation In Hindi ( शीतकालीन निष्क्रियता और ग्रीष्मकालीन निष्क्रियता ) के बारे में पढ़ेंगे। जिसमे पढ़ेंगे What is Hibernation in Hindi (शीतकालीन निष्क्रियता क्या है ?), What is Aestivation in Hindi (ग्रीष्मकालीन निष्क्रियता क्या है ?), Difference Between Hibernation and Aestivation in Hindi (शीतकालीन निष्क्रियता और ग्रीष्मकालीन निष्क्रियता में अंतर ) आदि।

Hibernation And Aestivation In Hindi ( शीतकालीन निष्क्रियता और ग्रीष्मकालीन निष्क्रियता )

हाइबरनेशन और एस्टीवेशन ये दो प्रकार के वैज्ञानिक प्रक्रिया (scientific process) हैं,जिसके द्वारा जानवर अपने शरीर के तापमान (temperature) को control करते हैं और जीवित रहते हैं।

What is Hibernation in Hindi (हाइबरनेशन क्या है ?)

कुछ जीव-जन्तु शीत ऋतु में अत्यधिक शीत के कुप्रभाव से बचने के लिए कुछ समय के लिए अधिक अनुकूल जगहों पर चले जाते हैं। इसे शीत निष्क्रियता(cold dormancy) कहते हैं।

हाइबरनेशन वह स्थिति है जिसमें जानवर अपनी शरीरिक गतिविधियों (metabolic activity) को कम करके सर्दियों के समय निष्क्रिय हो जाते हैं। यह सरीसृप( reptile), मछली और उभयचरों (amphibians) में देखा जा सकता है। हाइबरनेशन की स्थिति में भोजन की कमी की समस्या से निपटने के लिए जानवर बहुत अधिक भोजन करते हैं और अतिरिक्त वसा(fat) के रूप में जमा कर लेते हैं ताकि सोते समय ऊर्जा की आपूर्ति बनी रहे।

हाइबरनेशन या शीतकालीन नींद सर्दियों के समय warm और कोल्ड blooded जानवरों द्वारा की जाने वाली निष्क्रियता या कम शरीरिक प्रक्रिया( metabolic activity) की स्थिति है, जिसमें जानवर कम से कम energy waste करते हैं, ताकि वे शीत में जीवित रह सकें।
जैसा कि polar bear ठंड में 6-7 महीने तक सोते रहते हैं।
हाइबरनेशन की स्थिति में कुछ जानवर बिना भोजन के सर्दी से बचने के लिए गहरी नींद में चले जाते हैं। कोई भी स्तनपायी (mammals),जो सामान्य से कम शरीर के तापमान के साथ कई हफ्तों तक निष्क्रिय रहता है, वह हाइबरनेशन में हो सकता है।

अर्थात् शीत ऋतु में अक्रिय अवस्था में जाकर समय बीताने की क्रिया हाइबरनेशन या शीतकालीन निष्क्रियता कहलाती है। शीत काल में जीव जन्तु अपने आप को शीत से बचाने के लिए गुफा, बिल, खोह आदि जगहों पर चले जाते हैं।

इस अवस्था में शारीरिक क्रियाएँ रुक जाती हैं या बहुत कम हो जाती हैं, तथा वह जीव लम्बी अवधि तक पूर्ण निष्क्रिय होकर पड़ा रहता है। ऐसी अवस्था नियततापी (warm blooded) तथा अनियततापी (cold blooded) दोनों प्रकार के जानवरों में पाई जाती है।

What is Aestivation in Hindi (Aestivation क्या है ?)

कुछ जीव-जन्तु ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक गर्मी के कुप्रभाव से बचने के लिए अधिक अनुकूल जगहों पर चले जाते हैं। इसे ग्रीष्म निष्क्रियता (summer dormancy) कहते हैं।

एस्टीवेशन या ग्रीष्मकालीन नींद, गर्मियों के समय जानवरों द्वारा कम शरीरिक प्रक्रिया (metabolic activity) है। जिन जगहों पर बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है, वहाँ पर cold blooded जानवर कुछ समय आराम (rest) करने के लिए गर्म क्षेत्र में चले जाते हैं। वे दलदल, मिट्टी,या shady जगहों पर विश्राम करते हैं।
एस्टीवेशन तब होता है जब भोजन और नमी की कमी होती है। कुछ जानवर जैसे घोंघे, crocodile, worm आदि गर्म, शुष्क मौसम का सामना करते हैं।

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अर्थात् गर्मी में या सूखा होने पर कुछ जीव – जन्तु अक्रिय अवस्था में चले जाते हैं और वहीँ पर समय बीताते हैं, गर्मी से बचने के लिए। इस प्रकार की निष्क्रियता को एस्टीवेशन या ग्रीष्मकालीन निष्क्रियता कहते हैं।

एस्टीवेशन का एकमात्र उद्देश्य पानी की कमी या निर्जलीकरण को रोकना और ऊर्जा की बचत करना है।
रेगिस्तान, मरुभूमि और उष्णकटिबंधीय (tropical) क्षेत्रों में रहने वाले जानवरों में एस्टीवेशन होता है। एस्टीवेशन खुद को गर्म और शुष्क जलवायु से बचाने के लिए और भोजन के पानी की कमी के कारण किया जाता है।
ऐसी प्रक्रिया केंचुए, मोलस्क, आर्थ्रोपोड्स, reptile और amphibians में देखी जा सकता है।

Difference Between Hibernation And Aestivation In Hindi

हाइबरनेशन और एस्टीवेशन के बीच प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:-

हाइबरनेशन एस्टीवेशन
हाइबरनेशन को “ग्रीष्मकालीन नींद” के रूप में जाना जाता है। एस्टीवेशन को “शीतकालीन नींद” के रूप में जाना जाता है।
हाइबरनेशन पूरे के पूरे शीत काल के दौरान चलता है मतलब लम्बी अवधि तक चलता है। एस्टीवेशन थोड़े समय के लिए होता है मतलब कुछ ही समय तक चलता है।
हाइबरनेशन में जानवर सोने के लिए गर्म जगह की तलाश में रहते हैं। एस्टीवेशन में जानवर सोने के लिए नम, ठंडी और छायादार जगह की तलाश में रहते हैं।
हाइबरनेशन गर्म और ठंडे खून वाले जानवरों जैसे चमगादड़, स्तनधारी, पक्षी आदि में होता है। एस्टीवेशन ठंडे खून वाले जानवरों जैसे घोंघे, केंचुआ, मेंढक आदि में होता है।
हाइबरनेशन कम तापमान के कारण शरीर के किसी भी आंतरिक नुकसान को रोकता है।शरीर के तापमान को ठंडी जगहों पर maintain करके रखता है। एस्टीवेशन उच्च तापमान के कारण अत्यधिक पानी की कमी और शरीर की आंतरिक क्षति को रोक कर शरीर की एनर्जी को loss होने से बचाता है।

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मेरा नाम विशाल राठौर है। मै इस Website का लेखक हूँ। इस Website पे मै Agriculture Study के लेख प्रकाशित करता हूँ।

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